बिहार के एक बड़े नेत्र रोग विशेषज्ञ थे डॉ दुखन राम।

Healthबिहार के एक बड़े नेत्र रोग विशेषज्ञ थे डॉ दुखन राम।

 

Shivanand Tivary

देश के प्रथम राष्ट्रपति बनने के बाद डॉ राजेन्द्र प्रसाद की आंखों की सर्जरी पटना से दिल्ली जाकर उन्होंने ही की थी। राजेन्द्र बाबू के बाद भी वे अगले 4 राष्ट्रपतियों के नेत्र शल्य चिकित्सक सह नेत्र रोग विशेषज्ञ रहे थे। क्यों थे ये फिर कभी लिखूंगा।

अब, अगर इसी बिहार के मुख्य मंत्री श्री नीतीश कुमार ये कहते हैं कि उन्हें आंखों के इलाज के लिए दिल्ली जाना पड़ा तो ये पूरे राज्य की चिकित्सा व्यवस्था और यहां के नेत्र रोग विशेषज्ञों की बड़ी तौहीन है।

एम्स-पटना, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना जैसे बड़े अस्पतालों के अतिरिक्त बिहार में निजी रूप से भी नेत्र रोगों की चिकित्सा प्रदान करने वाले कई बेहतरीन डॉक्टर मौजूद हैं।

मुख्य मंत्री कार्यालय के एक फ़ोन पर पूरी टीम उनके इलाज के लिये तैनात हो सकती है। याद रहे, ये वही नीतीश कुमार हैं जिन्होंने कथित रूप से पिछले वर्ष कोविड के इलाज के लिए अपने आधिकारिक आवास को अपने खास लोगों के लिये अलग अस्पताल में तब्दील करवाने की पहल की थी लेकिन मीडिया में शोर-शराबा मचने के बाद इस बात को खारिज करते हुए रफ़ा-दफ़ा कर दिया गया था।

क्या नीतीश कुमार को बिहार की चिकित्सा पर भरोसा नहीं या उन्हें ये लगता है कि यहां के चिकित्सा संस्थान और डॉक्टर उनका बेहतर इलाज नहीं कर सकते हैं?

अगर वाकई ऐसा है तो ये मुख्य मंत्री समेत पूरे राज्य के चिकित्सकों और जनता के लिए शर्म की बात है।

 

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