हॉकी में दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता केशव दत्त का आज बुधवार 7 जुलाई 2021 को उम्र जनित बीमारियों के कारण निधन हो गया है। कोलकाता के अपने निवास में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 95 वर्ष के थे।
1948 में स्वतंत्र भारत के रूप में लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे केशव दत्त ने भारत चीन युद्ध के बाद इस मेडल को आर्मी फंड को दान में दे दिया था।
केशव ने आजादी के बाद भारत को हॉकी में 1948 और 1952 ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाने में अहम योगदान दिया था।
मिडफील्डर केशव दत्त 1948 के ओलंपिक में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि का हिस्सा थे, जहां उन्होंने लंदन के वेम्बली स्टेडियम में ब्रिटेन को 4-0 से हराकर अपनी पहली स्वर्णिम स्वतंत्रता हासिल की।

29 दिसंबर, 1925 को अविभाजित भारत के लाहौर में जन्मे केशव दत्त 1952 में हेलसिंकी खेलों में भी भारतीय टीम का भी हिस्सा थे, जहां उन्होंने नीदरलैंड को 6-1 से हराकर भारत को लगातार पांचवीं बार ओलंपिक चैंपियन बनाया।
वह 1948 और 1952 के ओलंपिक के एकमात्र जीवित सदस्य थे।
केशव दत्त ने 1951-1953 तक और फिर 1957-1958 में मोहन बागान हॉकी टीम की कप्तानी भी की। मोहन बागान के खिलाड़ी के रूप में उन्होंने छह बार हॉकी लीग और 10 की अवधि में तीन बार बेटन कप जीता।

उन्हें 2019 में मोहन बागान रत्न से सम्मानित किया गया, जो सम्मान प्राप्त करने वाले पहले गैर-फुटबॉलर बने।


