भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी ने उर्दू शायरों, साहित्यकारों से दूरी क्यूँ बना रखी है ? – मंज़र भोपाली

Opinionभारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी ने उर्दू शायरों, साहित्यकारों से दूरी क्यूँ बना रखी है ? - मंज़र भोपाली

मोहब्बत ओर नफ़रत दोनों शब्द ऐसे हैं जिनका चोली दामन का साथ है नफ़रत के बाज़ार में मोहोब्बत की दुकान राहुल गांधी ने खोलने की भरपूर कोशिश की है मगर जिस ज़बान के ये शब्द हैं उनके लिखने वालों को, अदीबों को, शायरों को सहाफियों को पूरी तरह से इस दुकान से दूर रखा गया है न इस में जावेद अख्तर नज़र आए न गुलज़ार साहब न वसीम बरेलवी और न मुन्नवर राणा

सैकड़ों किलोमीटर का सफर किया, इतने शहरों में गए उर्दू के बड़े-बड़े सेंटर्स में गए, हैदराबाद, इंदौर न जाने कहां-कहां, सब से मुलाकात की मगर उर्दू शायरों साहित्यकारों से दूरी रखी, न मिले, क्या वजह है?

 

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles